1- आटा पीसने के साथ गांव भी रोशन कर रहे हैं घराट

(घराट फिर से आबाद - Danik Jagran, July 31, 2008)

2- मलबे में दबकर पावर प्रोजेक्ट के दो मजदूरों की मौत

(ऋषिगंगा पावर प्रोजेक्ट - Danik Jagran, Aug 01, 2008)

3- बिगड़ते हालात: सिर दे देगें पर नहीं देंगे सेरा

(उत्तराखंड की जल विद्युत परियोजनाएं - Danik Jagran, Aug 07, 2008)

4- परियोजना का विरोध कर रहे दो आदोलनकारियों को भेजा जेल

(तपोवन-विष्णुगाड़ जल विद्युत परियोजना - Danik Jagran, Aug 07, 2008)


1- आटा पीसने के साथ गांव भी रोशन कर रहे हैं घराट

Source: http://misc1.jag.in2.yahoo.com/news/local/uttranchal/4_5_4682482.html
July 31, 11:34 pm

उत्तरकाशी। कभी पहाड़ के अंग रहे घराट फिर से आबाद होने लगे हैं। अब घराट न सिर्फ आटा पीस रहे हैं बल्कि 5 किलोवाट बिजली का उत्पादन कर गांवों को भी रोशन करेंगे। उत्तरकाशी में 13 घराटों को उच्चीकृत करने की स्वीकृति मिली है। इनमें से 5 घराट इसी माह के अंत से 5 किलोवाट बिजली का उत्पादन भी शुरू कर देंगे।

परंपरागत रूप से अब तक आटा पीसते चले आ रहे घराट गांव का अहम हिस्सा बनने जा रहे हैं। ब्लाक भटवाड़ी के जसपुर, चिन्यालीसौड़ के खदाड़ा व गड़थ, पुरोला के स्वील एवं डुण्डा के पोखरियाल गांव में पांच घराटों को उच्चीकृत करने का कार्य लगभग अंतिम चरण में है। उरेड़ा ने इन घराटों को उच्चीकृत करने का जिम्मा लिया और अब अगस्त के अंत तक यह घराट 20 किलोवाट विद्युत का उत्पादन भी शुरू कर देंगे। इन घराटों से विद्युत उत्पादन शुरू होने पर घराट स्वामी आमदनी में भी इजाफा होगा। इस लाभकारी योजना से जुड़ रहे ग्रामीणों में जागरूकता भी बढ़ रही है। परियोजना अधिकारी उरेडा वंदना जौहरी ने बताया कि वर्ष 2006-07 में 13 घराटों के उच्चीकरण की स्वीकृति मिली। इनमें से 5 का उच्चीकरण कार्य इसी माह पूरा कर लिया जाएगा जबकि 8 अन्य घराटों का सर्वे कार्य बाकी है। परियोजना अधिकारी ने बताया कि कुछ घराटों में पानी की समस्या उत्पन्न हो सकती है। जनवरी में जल स्तर की जांच कर उच्चीकरण का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। परम्परागत रुप से चल रहे एक घराट को उच्चीकृत करने पर विभाग 1 लाख 6 हजार की धनराशि खर्च करता है। घराट स्वामी को यह घराट तोहफे में ही मिलता है।


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2- मलबे में दबकर पावर प्रोजेक्ट के दो मजदूरों की मौत

Source: http://misc1.jag.in2.yahoo.com/news/local/uttranchal/4_5_4685536.html
Aug 01, 11:48 pm

गोपेश्वर (चमोली)। पहाड़ी से मलबा और पत्थर गिरने से ऋषिगंगा पावर प्रोजेक्ट के दो मजदूरों की इसकी चपेट में आकर मृत्यु हो गई।

शुक्रवार को दोपहर में रैंणी स्थित ऋषिगंगा पावर प्रोजेक्ट में कार्यरत छह मजदूर अपने-अपने कार्यो पर लगे थे। अचानक पहाड़ी से पत्थर व मलबा गिरा और मलबे में दबने से वंदन (25 वर्ष) पुत्र कर्मा डोटाई निवासी देवीसूत,पोस्ट बारपुल, खुंटी, झारखंड तथा मनप्रीत पुत्र हरपाल सिंह निवासी ग्राम परिया,थाना पुराना साला,गुरदासपुर पंजाब की घटना स्थल पर ही मृत्यु हो गई।

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3- बिगड़ते हालात: सिर दे देगें पर नहीं देंगे सेरा

Source: http://misc1.jag.in2.yahoo.com/news/local/uttranchal/4_5_4704158_1.html
Aug 07, 11:35 pm

देहरादून। ऊर्जा प्रदेश में जलविद्युत परियोजनाओं के कारण पुश्तैनी जमीन से लोगों के उजड़ने और बेरोजगार होने का दर्द सुरसा की मुंह की तरह बढ़ता जा रहा है। उजड़ने से बचने वालों के सामने आने वाले वर्षो में चारा, खेती और पानी का संकट इस कदर बढ़ेगा कि देर-सबेर उन्हें भी इसी विस्थापन का दर्द झेलना पड़ेगा। शायद यही कारण है कि परियोजनाओं वाले इलाकों में 'सिर दे देंगे पर नहीं देंगे सेरा' का नारा तेजी से गूंज रहा है।

पहले बात विकास की, सूबे की छोटी-बड़ी नदियों पर करीब 25 हजार मेगावाट जलविद्युत क्षमता के स्थल चिन्हित हैं। इसमें से अब तक 3000 हजार क्षमता ही हासिल की जा सकी है। 22 हजार मेगावाट दोहन की दिशा में काम हो रहा है। इसका एक दूसरा पहलू विस्थापन का भी है। एनएचपीएल के एक आंकलन के अनुसार एक मेगावाट क्षमता वाली परियोजना के लिए 0.45 हेक्टेयर क्षेत्र चाहिए। इस हिसाब से राज्य में 10,000 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र को उजड़ने का दर्द भुगतना पड़ सकता है।

इन परियोजनाओं से नदी जल स्तर में गिरावट व लोगों के खत्म होते हक-हकूक की स्थिति जानने को पिछले दिनों सामूहिक 'जल-यात्रा' का आयोजन किया गया था। इस यात्रा के दौरान में अलकनंदा, मंदाकिनी, भिलंगना, बालगंगा, भागीरथी, यमुना, टौंस, रूपिन व सुपिन नदियों पर बांधों व सुरंगों से पैदा हुई बाधाओं का जायजा लिया गया। जल-यात्रा के उप संयोजक सुरेश भाई के मुताबिक एक-दो गांवों की बानगी से राज्य स्तर पर विस्थापन के असर का अंदाज लगाया सकता है कि ऊर्जा प्रदेश कैसे 'मुर्दा प्रदेश' में तब्दील हो रहा है। सुरेश भाई बताते हैं कि जनसंपर्क से पता चला कि तपोवन-विष्णुगाड़ परियोजना का विरोध सबसे अधिक महिलाएं कर रही हैं। इसके क्षेत्र में आने वाले चांई गांव में 130 परिवार हैं। यहां जमीन के लिए 200 व उस पर खड़ी फसल के लिए 20 रुपये प्रति नाली मुआवजा तय किया है। भू-धंसाव के खौफ में रहने वाले चांई के लोगों ने गत लोकसभा चुनाव का बहिष्कार तक किया था। विष्णु प्रयाग परियोजना (400 मेवा) की 12 किमी. लंबी सुरंग की वजह से आधे दर्जन स्थानों के जलस्त्रोत सूख चूके हैं। सिंगौली-भटवाड़ी (90 मेगा) परियोजना की डीपीआर में जमीन के बदले जमीन का जिक्र ही नहीं है। इसमें 26 गांवों की 20 हजार नाली भूमि लगनी है। ऐसे में जमीन जाने के बाद यहां अनुसुचित जाति के खेतिहर श्रमिक भुखमरी के शिकार होंगे। इसीलिए यहां की महिलाओं ने नारा दिया है कि 'सिर दे देंगे, नहीं देगा सेरा'।

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4- परियोजना का विरोध कर रहे दो आदोलनकारियों को भेजा जेल

Source: http://misc1.jag.in2.yahoo.com/news/local/uttranchal/4_5_4704448.html
Aug 07, 11:37 pm

गोपेश्वर (चमोली)। तपोवन-विष्णुगाड़ जल विद्युत परियोजना से प्रभावित ढाक गांव के ग्रामीणों के विस्थापन सहित अन्य मांगों को लेकर आंदोलन करने वाले दो आंदोलनकारियों को जेल भेज दिया गया है, वहीं परियोजना निर्माण विरोध के दौरान जेल जाने वाले सभी आंदोलनकारियों पर मुकदमे अभी तक चल रहे हैं। आंदोलनकारियों की गिरफ्तारी से जनता में एक बार फिर से उबाल आ गया है।

विदित हो कि सितंबर 2007 में परियोजना प्रभावित ढाक गांव के लोगों की मांग को लेकर जनप्रतिनिधियों ने परियोजना के विरोध में उग्र प्रदर्शन किया था। तब प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए 20 आंदोलनकारियों पर मुकदमे दर्ज कर जेल भेजा था। हालांकि बाद में जनविरोध को देखते हुए सभी प्रदर्शनकारियों को छोड़ दिया गया था। एक बार फिर गुरुवार को दो अन्य आंदोलनकारियों को प्रशासन ने जेल भेज दिया है। जोशीमठ नगर के भाजपा महामंत्री जयशंकर डंगवाल व भाकपा माले के अतुल सती को गुरुवार को सीजेएम कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया। विरोध के दौरान क्षेत्र के करीब 20 आंदोलनकारियों पर आईपीसी की धारा 147, 506 के तहत कार्रवाई हुई थी। दो आंदोलनकारियों को जेल भेजने से एक बार फिर से लोगों में आक्रोश है। कांग्रेस के पूर्व जिला महामंत्री कमल रतूड़ी ने कहा कि पुलिस ने तब गुपचुप तरीके से मुकदमे दर्ज किए गए। उन्होंने कहा कि प्रशासन भी परियोजना के प्रभाव में आकर जनसेवकों पर उत्पीड़न की कार्रवाई कर रही है।

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